Funny Real Ghost Stories in Hindi – Funny Ghost Stories For Kids

Funny Real Ghost Stories in Hindi

यह कहानी हमें भेजी है देहरादून से रोहित ने रोहित बताते हैं.

ये कहानी मेरे पापा की है मेरे पापा पहलवान हैं, मेरे दादाजी भी पहलवान थे और दादाजी के दादाजी भी पहलवान थे.

यूँ समझ लें की हमारी पीढियां दर पीढियां पहलवानी होती आ रही है, पहलवानी हमारे खून में है.

यह बात करीब 8-9 साल पहले की है, तब मेरी उम्र लगभग 11 साल थी, पापा रोज सुबह 4 बजे उठकर Walk पर जाते थे, में पापा के पास ही सोता था, इसलिए में भी पापा के साथ ही उठ जाता और उनके साथ Walk पर जाता.

पापा मुझे हमेशा मना करते की ये उम्र इतनी जल्दी उठने की नहीं है अगर walk पे जाना है तो तुम सुबह 6 बजे उठकर भी जा सकते हो, लेकिन में नहीं मानता था जब पापा उठते तभी उनकी आहट से मेरी आंख भी खुल जातीं थी.

ऐसे ही काफी दिन बीत गये एक दिन में और पापा Walk पर जा रहे थे घर से करीब एक-डेढ़ किलोमीटर दूर चले होंगे.

अचानक झाड़ियां बिना हवा जोर-जोर से हिलने लगीं.

पापा झाड़ियों के पास जाना चाहते थे, लेकिन में साथ था इसलिए वहीँ से लौटकर घर की तरफ तेज चाल में चल दिए और घर आकर साँस ली.

दिन निकला पापा के दोस्त वह भी पहलवान थे घर पर आये, दोनों की यारी बिलकुल जय-वीरू जैसी थी, एक दुसरे के लिए जान देने से भी पीछे ना हटने वाले 🙂 पापा शायद अभी भी उसी बात के बारे में सोच रहे थे.

अंकल आकर पापा के पास बैठे और बोले, ”क्यूँ सुरेन्द्र क्या हाल है? आजकल घर भी नहीं आते कोई परेशानी है क्या? अगर है तो बोलो अभी दूर कर देते हैं.

पापा धीरे से बोले, ” बल्लू मुझे लगता है कोई मेरे खिलाफ साजिश कर रहा है,

बल्लू अंकल बोले, ”क्या कह रहे हो? कौन तुम्हारे खिलाफ साजिश कर सकता है?..क्या तुम्हे किसी पर शक है.

पापा ने कहा, ”शक तो किसी पर नहीं है, मुझे लगा जैसे कोई मेरे खिलाफ…

बल्लू अंकल पापा को टोकते हुए बोले, ”शक नहीं है तो तुम्हे ऐसा क्यूँ लगा, के तुम्हारे खिलाफ कोई साजिश कर रहा है.

बस ऐसे ही लगा, ”पापा ने कहा

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बल्लू अंकल बोले, ”बात क्या है साफ़-साफ़ बताओ कुछ हुआ है क्या????..

पापा बोले, ” तुम्हे तो पता ही है में और रोहित डेली सुबह घुमने जाते हैं,

बल्लू अंकल, ”हाँ पता है तो क्या?

कल सुबह जब हम घुमने जा रहे थे, तो बाग़ के पास झाड़ियों में शायद कोई था मुझे ऐसा लगा.

बल्लू अंकल बोले, ”तुमने उसका चेहरा देखा था?

पापा, ”नहीं यार में झाड़ियों के पास नहीं गया, क्यूंकि रोहित मेरे साथ था.

इसलिए मैंने तुमसे कहा की कोई मेरे खिलाफ साजिश कर रहा है.

बल्लू अंकल बोले, ”अगर ऐसी बात है तो कल में तुम्हारे साथ चलूँगा, फिर देखते हैं आखिर कौन साजिश कर रहा है.

उसी रात पापा ने मुझसे कहा बेटा कल सुबह मुझे कुछ जरुरी काम है, इसलिए तुम मेरे साथ मत चलना, में कहने लगा पापा क्या काम है?

पापा ने मुझे डांटते हुए कहा, ”अब तुम्हे हर बात बतानी होगी बच्चे इतने सवाल नहीं करते चुपचाप सो जाओ, और सुबह मेरे साथ जाने की जिद मत करना.

में गुस्से में चादर को मुह तक ढाप कर सो गया.

सुबह के 4 बजे बल्लू अंकल ने निचे से ही पापा को आवाज लगाई ”सुरेन्द्र ओ सुरेन्द्र” अभी आया बल्लू, कहते हुए पापा शर्ट पहनते हुए सीढियों से निचे उतर गये.

और दोनो झाड़ियों के पास पहुँच गये, दोनों झाड़ियों के पास करीब 30 मिनट खड़े रहे लेकिन ना कोई आहट हुई ना ही झाड़ियाँ जरा भी हिलीं.

जब वहां कोई नहीं दिखा तो बल्लू अंकल और पापा लौट के घर जाने लगे, जैसे ही दोनों मुड़े झाड़ियाँ हिलने लगीं.

दोनों तेजी से भागकर झाड़ियों के पास पहुंचे क्यूंकि दोनों में से डरता कोई नहीं था, पापा ने कहा देखा बल्लू मैंने कहा था ना, इस झाडी के पीछे कोई छुपा है तभी झाडी इतनी तेज हिल रही है, वो भी बिना हवा के.

बल्लू अंकल ने गुस्से से चिल्लाकर कहा, ”कौन है झाड़ी के पीछे

बाहर आ जाओ वरना अच्छा नहीं होगा,

 

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तभी झाड़ियों के पीछे से एक मोटा बन्दर निकला, और वह दोनों के उपर गुर्रा कर भाग गया.

क्यूंकि झाड़ियों के पीछे बैठकर वह कुछ खा रहा था, पापा और अंकल ने उसे Disturb कर दिया था इसलिए वह गुर्रा कर भागा था.

अंकल ने पापा से हँसते हुए कहा, ”सुरेन्द्र क्या यही है जो तुम्हारे खिलाफ साजिश रच रहा था,🤣

पापा झेंप गये थे, और मन ही मन वह भी इस बात पर हँस रहे थे,

दोनों एकदूसरे के कंधे पर हाथ रख हँसते हुए घर की ओर निकल गये, घर आकर अंकल ने घर पर मम्मी और हम सब को यह बात बताई इस बार बल्लू अंकल पेट पकड कर हँस रहे थे और साथ में हम सब भी हँस रहे थे.🤣

 

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